जो एक हिंदू राष्ट्र था !
नेपाल में क्या घट रहा

जो एक हिंदू राष्ट्र था !

क्यों खत्म कर दिया गया हिंदू राष्ट्र

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Admin ksbist1966
August 6, 2026 · 1 min read

नेपाल में हिन्दू राष्ट्र की समाप्ति का विश्लेषण आज तक भारत के बौद्धिकों और विशेषज्ञों ने कभी भी नहीं किया।


• नेपाल एक हिन्दू राष्ट्र था… शासन प्रणाली उसकी राजशाही थी… शासन प्रणाली हमेशा 2 प्रकार की होती है… 1) राजशाही। 2) विधानपालिका प्रणाली।

मान लो अगर राजशाही प्रणाली का स्थान विधानपालिका प्रणाली ले, तब भी हिन्दू राष्ट्र का प्रावधान समाप्त नहीं हो जाता। पाकिस्तान इसका उदाहरण है, वहां 1947 में ही विधानपालिका प्रणाली चुनी गई पर फिर भी वह मुस्लिम राष्ट्र डिक्लेयर हुआ। तो फिर नेपाल में ऐसा क्या हुआ के विधानपालिका प्रणाली आते ही वहां हिन्दू राष्ट्र समाप्त कर दिया गया? इसका उत्तर मिलेगा आपको वहां के अतीत से…

नेपाल में सवर्णों की 2 जातियों का जनसंख्या के लिहाज से और राजनीति के लिहाज से दबदबा है… छेत्री और बाहुन। छेत्री यानि रजवाड़ा वर्ग अर्थात नेपाली राजपूत… बाहुन यानि ब्राह्मण अर्थात पहाड़ी ब्राह्मण।

नेपाली पहाड़ी ब्राह्मण यानि कोइराला परिवार का अधिकतर समय बिहार और बनारस में बीता… कृष्ण प्रसाद कोइराला के तीन बच्चों की पढ़ाई लिखाई भारत के कॉलेजों में हुई… यही तीन बच्चे आगे चलकर नेपाल के प्रधानमंत्री बनते हैं। भारत में रहते यह परिवार कांग्रेस से जुड़ता है, कृष्ण प्रसाद कोइराला का बड़ा बेटा मैत्रिक प्रसाद कोइराला एक समय बिहार कांग्रेस का अध्यक्ष भी बना। भारतीय कांग्रेस की विश्व में एकमात्र दूसरी ब्रांच कहीं बनी तो वो नेपाल में थी…कोइराला परिवार ने नेपाल में नेपाली कांग्रेस के नाम से यह पार्टी स्थापित की… और आगे चलकर इस परिवार के भीतर कई सालों तक प्रधानमंत्री की कुर्सी रही। कोइराला परिवार ने जब नेपाल कांग्रेस स्थापित की उसका मुख्य मकसद हिन्दू राजशाही का विरोध करना था… नेपाली कांग्रेस के साथ अधिकांश जुड़ने वाले लोग ब्राह्मण थे… हिन्दू राजशाही के खिलाफ लड़ते हुए यह परिवार घोर सेकुलर था और नेहरू को अपना आइडल मानता था, इसी परिवार में मनीषा कोइराला नामक बॉलीवुड एक्ट्रेस भी हुईं।

अब दिक्कत यह थी के अकेले कांग्रेसी ब्राह्मण हिन्दू राजशाही समाप्त नहीं कर सकते थे पूरी तरह… क्योंकि सवर्णों का एक बहुत बड़ा वर्ग छेत्री यानि नेपाली राजपूत राजशाही के समर्थक थे…

महान अमरीकन कूटनीतिक हेनरी कसिंजर जोकि अमरीका और चीन की विदेशनीति के बीच एक सूत्रधार थे और दोनों देशों की विदेश नीति को एक प्लेटफार्म पर लाने का काम करते थे। सोचा यह जाने लगा कि अब नेपाल में हिंदू शाही राज कैसे समाप्त किया जाए… चीन ने राजशाही समाप्त इसलिए नहीं करवाई कि उसे वामपंथ फैलाना है नेपाल में,,,, बल्कि राजशाही समाप्त करने लिए उसने वामपंथ फैलाया सबसे पहले।

नेपाल में जैसे ही माओवादी कम्युनिस्ट पार्टी का फैलाव हुआ इसके अधिकांश एरिया कमांडर क्षेत्र छेत्री ही थे… अब राजशाही की रक्षा करने वाला वर्ग जो छेत्री था अब उसी के हाथों में चीनी बंदूकें थीं,, रक्षक ही जब भक्षक हो जाए उसे कौन बचाए…अंततः माओवादी बन चुके हथियारबंद क्षेत्रियों ने राजशाही का अंत कर दिया m

तख्तापलट होते ही माओवादी पार्टी और नेपाली कांग्रेस में समझौता हो जाता है और इस तरह नेपाल के सवर्णों द्वारा सदा के लिए अंतिम हिन्दू राष्ट्र का खात्मा कर दिया जाता है। हिन्दू राष्ट्र की समाप्ति की क्रांति के नायक बनते हैं… कॉमरेड प्रचंड, माधव नेपाल, खड्ग प्रसाद शर्मा ओली, भट्टाराई… सभी के सभी सवर्ण !

✍️ Dev


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